अब तक का रेस्क्यू ऑपरेशन
ITBP प्रवक्ता कमलेश कमल के अनुसार:
➡️ अब तक 400 से अधिक लोगों का रेस्क्यू किया जा चुका है।
➡️ 11 लापता जवानों को भी सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
➡️ लेकिन अभी भी 100 से अधिक लोग फंसे हुए हैं, जिनकी तलाश जारी है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की नजर
बुधवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात कर हालात का जायज़ा लिया।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने धराली और आस-पास के इलाकों का एरियल सर्वे किया और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की।
केरल के 28 टूरिस्ट लापता
धराली में केरल के 28 टूरिस्ट्स का एक ग्रुप भी लापता है।
उनके परिवारों का कहना है कि वे गंगोत्री यात्रा पर निकले थे लेकिन लैंडस्लाइड के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
सिर्फ 34 सेकंड में मची तबाही
गंगोत्री यात्रा का प्रमुख पड़ाव धराली गांव पूरी तरह से तबाह हो गया है।
बाजार, मकान और होटल खीर गंगा नदी में बह गए, जो भारी बारिश और पहाड़ों से आए मलबे के कारण उफान पर थी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सारी तबाही सिर्फ 34 सेकंड में हुई।
धराली: त्रासदी की ज़मीन
कल्प केदार मंदिर भी नष्ट
इस आपदा में धराली का ऐतिहासिक कल्प केदार महादेव मंदिर भी मलबे में दफन हो गया।
यह मंदिर 1500 साल पुराना और पंच केदार परंपरा से जुड़ा था, जो स्थानीय लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र था।
धराली की भौगोलिक स्थिति
👉 निष्कर्ष:
उत्तरकाशी की यह घटना न केवल एक प्राकृतिक आपदा है, बल्कि प्रशासन, पर्यावरण संतुलन और भौगोलिक अनदेखी का भी गंभीर संकेत है। जब तक धराली जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता नहीं बढ़ेगी, तब तक इस तरह की त्रासदियां बार-बार सामने आती रहेंगी।
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