बलरामपुर। डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन समय पर शिकायत और पुलिस की तत्परता से साइबर ठगी के मामलों में राहत भी मिल सकती है। ऐसा ही एक मामला बलरामपुर जिले में सामने आया, जहां साइबर अपराधियों द्वारा ठगे गए 20 हजार रुपये पुलिस ने पीड़ित को वापस दिलाकर एक मिसाल पेश की है।
मोबाइल फोन हैक कर खाते से निकाले रुपये
जानकारी के अनुसार, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के ग्राम विशुनापुर निवासी जानू साहू का मोबाइल फोन 15 दिसंबर 2025 को साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया। फोन हैक होने के बाद अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 20,148.30 रुपये की धनराशि निकाल ली।
घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने बिना देरी किए नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और मामले की सूचना पुलिस को दी।
साइबर हेल्पडेस्क ने दिखाई तत्परता
शिकायत प्राप्त होने के बाद थाना कोतवाली देहात की साइबर हेल्पडेस्क ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस टीम ने संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया और तकनीकी जांच के माध्यम से लेन-देन की जानकारी जुटाई।
पुलिस की सक्रियता और त्वरित प्रयासों के चलते ठगी गई रकम को आरोपी के खाते में ही होल्ड करा दिया गया, जिससे धनराशि आगे ट्रांसफर नहीं हो सकी।
कानूनी प्रक्रिया के बाद वापस मिली पूरी रकम
मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए न्यायालय से आदेश प्राप्त किया गया। इसके बाद बैंक के नोडल अधिकारी के सहयोग से सभी औपचारिकताएं पूरी की गईं और 20,148.30 रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस कर दी गई।
रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उसके परिवार ने पुलिस एवं साइबर हेल्पडेस्क का आभार व्यक्त किया।
साइबर धोखाधड़ी होने पर क्या करें?
बलरामपुर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन फ्रॉड, यूपीआई धोखाधड़ी, बैंकिंग फ्रॉड या मोबाइल हैकिंग की घटना होती है तो घबराने के बजाय तुरंत कार्रवाई करें।
ध्यान रखें ये जरूरी बातें:
♲ तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें।
♲ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
♲ बैंक को तुरंत सूचित करें।
♲ किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
♲ अपने ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की सख्ती जारी
बलरामपुर पुलिस लगातार साइबर अपराधों पर निगरानी बनाए हुए है और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान भी चला रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय रहते शिकायत मिलने पर साइबर ठगी की रकम वापस कराना काफी हद तक संभव हो जाता है।
यह मामला इस बात का उदाहरण है कि जागरूकता और त्वरित कार्रवाई से साइबर अपराधों से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।
