बलरामपुर। जिले में भीषण गर्मी का असर अब आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसके चलते बिजली की खपत में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। बढ़ती बिजली मांग के कारण कई क्षेत्रों में ट्रिपिंग, लाइन फाल्ट और कम वोल्टेज की समस्याएं सामने आईं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी में बिजली और पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
बिजली की मांग 110 मेगावाट के करीब पहुंची
गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले के बलरामपुर सदर, उतरौला और तुलसीपुर डिवीजन में बिजली की खपत तेजी से बढ़ी है। सामान्य दिनों में जहां बिजली की कुल मांग 85 से 90 मेगावाट के बीच रहती थी, वहीं सोमवार को यह बढ़कर 105 से 110 मेगावाट तक पहुंच गई।
घरों में कूलर, पंखे, एयर कंडीशनर और पानी की मोटरों के अधिक उपयोग के कारण बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
किस डिवीजन में कितना बढ़ा लोड?
शाम के पीक आवर में कई फीडरों पर अतिरिक्त लोड दर्ज किया गया, जिससे उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली कटौती और कम वोल्टेज की समस्या झेलनी पड़ी।
बिजली विभाग अलर्ट मोड पर
बिजली विभाग ने बढ़ती मांग को देखते हुए सभी उपकेंद्रों और फीडरों की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मरों पर पड़ रहे अतिरिक्त भार पर लगातार नजर रखी जा रही है।
अधिशासी अभियंता अजय सिंह ने बताया कि जहां भी फाल्ट की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल मरम्मत कर बिजली आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो।
अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या
भीषण गर्मी का असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी देखने को मिल रहा है। संयुक्त जिला चिकित्सालय, जिला मेमोरियल अस्पताल और महिला अस्पताल में गर्मी जनित बीमारियों के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
सोमवार को तीनों अस्पतालों की ओपीडी में करीब 870 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इनमें अधिकांश मरीज डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, चक्कर और बुखार जैसी समस्याओं से पीड़ित थे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने बताया कि बच्चे, बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों में ओआरएस, आवश्यक दवाओं और पेयजल की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है।
परिवहन सेवाओं पर भी पड़ा असर
तेज धूप और लू के कारण परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। दोपहर के समय रोडवेज बस स्टेशन और प्रमुख चौराहों पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कम देखी गई।
ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का कहना है कि लोग केवल जरूरी कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। कई यात्री धूप से बचने के लिए छायादार स्थानों और ठंडे पेयजल की तलाश करते नजर आए।
गर्मी से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।
जिले में लगातार बढ़ते तापमान और बिजली की मांग को देखते हुए आने वाले दिनों में लोगों को और अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है।
