2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी का यूपी दौरा राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। करीब डेढ़ साल बाद रविवार को ओवैसी लखनऊ पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर उनके समर्थकों ने “देखो-देखो कौन आया, शेर आया… शेर आया” के नारे लगाए।
2027 विधानसभा चुनाव पर AIMIM की नजर, 200 सीटों पर लड़ सकती है पार्टी
ओवैसी का यह दौरा आगामी यूपी विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए बेहद अहम माना जा रहा है। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार AIMIM यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकती है। इसका संकेत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली पहले ही दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है, हालांकि अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी लेंगे।
बहराइच से चुनावी शंखनाद, मटेरा विधानसभा पर खास नजर
ओवैसी का पहला कार्यक्रम बहराइच की मटेरा विधानसभा में आयोजित जनसभा है। यह इलाका समाजवादी पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। मटेरा सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या लगभग 45% बताई जाती है। कुल 3.4 लाख मतदाताओं में करीब 1.5 लाख से अधिक मुस्लिम वोटर हैं।
यही वजह है कि ओवैसी ने अपने यूपी दौरे की शुरुआत इसी सीट से करने का फैसला किया। वर्तमान में यहां से सपा विधायक मरिया शाह हैं, जबकि उनके पति यासर शाह भी इस सीट से दो बार विधायक रह चुके हैं।
गाजी मियां की दरगाह और मटेरा का राजनीतिक समीकरण
बहराइच का मटेरा इलाका ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां सैयद सालार मसूद गाजी (गाजी मियां) की दरगाह का प्रभाव है। हाल ही में दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले और सालाना उर्स को लेकर विवाद और हाईकोर्ट का फैसला भी सुर्खियों में रहा था। ऐसे में ओवैसी का यहां पहुंचना सिर्फ चुनावी नहीं, बल्कि सामाजिक और धार्मिक संदेश देने की रणनीति भी माना जा रहा है।
डिप्टी CM ब्रजेश पाठक का तंज- ‘इनकी दाल नहीं गलेगी’
ओवैसी के यूपी दौरे पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
“ये लोग धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करते हैं। इनकी दाल गलने वाली नहीं है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के सिद्धांत पर काम करती है।”
इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में बयानबाजी और तेज हो गई है।
2022 चुनाव में AIMIM का प्रदर्शन कैसा रहा था?
गौरतलब है कि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में AIMIM ने 95 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। हालांकि पार्टी का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और लगभग सभी सीटों पर जमानत जब्त हो गई। पूरे प्रदेश में पार्टी को करीब 4.5 लाख वोट मिले थे।
इसके बावजूद ओवैसी लगातार यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं।
कौन हैं असदुद्दीन ओवैसी?
♻ असदुद्दीन ओवैसी हैदराबाद से लोकसभा सांसद हैं।
♻ वह AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
♻ पार्टी की स्थापना 1927 में हुई थी और यह देश की सबसे पुरानी मुस्लिम राजनीतिक पार्टियों में से एक मानी जाती है।
♻ वर्तमान में पार्टी का नेतृत्व ओवैसी परिवार के हाथ में है।
यूपी की राजनीति में नया समीकरण?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ओवैसी का यूपी दौरा मुस्लिम वोट बैंक में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश है। खासकर उन सीटों पर जहां मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। हालांकि यह भी सच है कि अब तक AIMIM यूपी में कोई बड़ा चुनावी असर नहीं दिखा सकी है।
अब देखना होगा कि 2027 चुनाव में ओवैसी की रणनीति कितनी सफल होती है और क्या AIMIM यूपी की राजनीति में नया समीकरण बना पाती है या नहीं।
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