USA भारत पर ट्रंप का डबल टैरिफ़, मोदी सरकार का कड़ा जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत को आर्थिक झटका देते हुए उस पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी है। यह नया टैरिफ़ पहले से लागू 25 प्रतिशत शुल्क के साथ मिलकर कुल 50% हो जाएगा।
ट्रंप के हस्ताक्षर वाले कार्यकारी आदेश में कहा गया है कि यह नया शुल्क आदेश जारी होने के 21 दिन बाद से प्रभाव में आ जाएगा।
🔁 भारत ने बताया यह कदम "अनुचित और तर्कहीन"
ट्रंप के इस फैसले पर भारत के विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बयान में कहा गया:
"यह कार्रवाई अनुचित, अकारण और तर्कहीन है।"
सरकार का कहना है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों के खिलाफ है और भारत-अमेरिका संबंधों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
🛢️ मुद्दा बना रूस से तेल आयात
व्हाइट हाउस द्वारा जारी आदेश में यह तर्क दिया गया कि भारत सरकार प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से रूस से तेल आयात कर रही है, जो अमेरिका की विदेश नीति के खिलाफ है।
प्रेस कॉन्फ़्रेंस के दौरान BBC के पत्रकार एंथनी जर्चर ने ट्रंप से सवाल किया:
"जब चीन समेत कई देश रूस से तेल खरीद रहे हैं, तो सिर्फ भारत को ही क्यों टारगेट किया जा रहा है?"
इस सवाल पर ट्रंप ने कोई सीधा जवाब नहीं दिया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि उनका प्रशासन भारत के रूस के साथ व्यापारिक संबंधों को गंभीरता से देख रहा है।
🤝 भारत-अमेरिका संबंधों पर असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस टैरिफ के कारण भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ सकता है। भारत पहले ही चीन, रूस और अन्य देशों के साथ अपने आर्थिक रिश्ते मजबूत कर रहा है, ऐसे में अमेरिकी दबाव का क्या असर होगा, ये आने वाला समय बताएगा।
🔚 निष्कर्ष
डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर डबल टैरिफ़ लगाना केवल आर्थिक निर्णय नहीं, बल्कि एक राजनीतिक संदेश भी है। भारत सरकार की कड़ी प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि देश अपने हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगा।
इस मामले में अब सभी की नजरें हैं कि अमेरिकी प्रशासन आगे क्या रुख अपनाता है और क्या दोनों देश इस विवाद को बातचीत के जरिए सुलझा पाएंगे या नहीं।
